Fourth Generation Of Computer In Hindi || चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर की पूरी जानकारी जाने हिन्दी में – 2023

हैलो दोस्तों तो आज हम आपलोगो को इस आर्टिक्ल पोस्ट के माध्यम से बताने वाला हूँ , Fourth Generation Of Computer In Hindi (चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर की पूरी जानकारी हिन्दी में ) तो आप इस आर्टिक्ल को लास्ट तक जरूर देखे और इसे पढ़ें ताकि आप सही से समझ सकों तो चलिए बिना समय को बर्बाद किए इस आर्टिक्ल को आगे लें चलते हैं और समझते हैं | :-

 

Fourth Generation Of Computer

 

दोस्तों तो चलिए इस आर्टिक्ल के माध्यम से हम कुछ बिस्तार में समझते हैं जैसे चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर (Fourth Generation Of Computer) चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर के कुछ उदाहरण (Examples Of Fourth Generation Of Computer) चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर के कुछ विशेषताएँ ( Features Of Fourth Generation Of Computer ) और चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर के कुछ फायदे और कुछ नुकसान क्या थे ( Advantage And Disadvantage Of Fourth Generation Of Computer) तो चलिए बिना समय को बर्बाद किए इसे आगे बढ़ाते हैं और इसे बिस्तार से समझते हैं | :-

 

Fourth Generation Of Computer ( चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर )

 

चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर की सुरूआत सन 1971 में हुआ था और ये 1985 तक रहा जिसे (Fourth Generation Of Computer) चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर के नाम से जाना जाता है अगर हम आसान भाषा में समझे तो ये पीढ़ी बहोत मॉडर्न हो चुका था | चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर की विकास उस समय से माना जाता है जब कम्प्युटरों में से IC (Integrated Circuit) को हटा के उसकी जगह Microprocessor का यूज होने लगा था |

Microprocessor के आविष्कार होने के बाद कम्प्युटर के क्षेत्रों में क्रांति आ चुकी थी क्यूकी इसे बनाने के लिए एक सिलिकॉन चिप पे हजारों Integrated Circuit को इकट्ठा करके लगाया जाता था इस वजह से इसका आकार बहोत छोटा हो और काफी मॉडर्न भी हो गया था और ये पीछे की जितनी पीढ़ियाँ है जैसे पहली , दूसरी , तीसरी इन सब से काफी अच्छा और विश्वसनिए हो गए थे |

चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर नाकी सिर्फ आकार में छोटा हुआ बल्कि इसमे बहोत सारे बदलाव आ चुके थे ये काफी सस्ते हो गए थे जिसके कारण से अंतत: पर्सनल कम्प्युटर यानि कम्प्युटर अपने पोर्टेबिलिटी के कारण बरे पैमाने पर लोगो के लिए Accessible हो चुके थे |

चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर में माइक्रोप्रोसेसर का यूज होने लगा था माइक्रोप्रोसेसर को LSI ( Large Scale Integration) और VLSI (Very Large Scale Integration) को यूज करके बनाया गया था |

चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर में High level Languages का इस्तेमाल किया जाता था जैसे C , C++ , JAVA , PHP , DBASE का उपयोग किया गया था रियल समय टाइम शेयरिंग और Distributed Operating System का उपयोग किया जाता था |

चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर को चलाने के लिए न्यूनतम मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती थी और इसे पहली पीढ़ी के कम्प्युटर की तरह रूम की जरूरत नहीं पड़ती थी इसे आप कंही भी आसानी से ले जा सकते थे एक जगह से दूसरे जगह ले जाने मे कोई दिक्कत नहीं होती थी |

इस पीढ़ी के कम्प्युटर में ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग का यूज किया गया था और इसमे बहोत सारे बिभिन्न प्रकार के भाषाएँ उपलब्ध थी जैसे Java , Basic , Visual आदि इसे डिजाइन किया गया था ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग समस्याओं को हल करने के लिए डिजाइन किया गया था |

इस पीढ़ी के कम्प्युटर में Data Management , GUI Development , Report Generation , Mathematical Optimization और Web Development जैसे सभी को सामील किया गया था इसमे सिरीरयल नंबर वाले माइक्रोप्रोसेसर का यूज किया जाता था क्यूकी इसका गति और कार्य क्षमता बहोत थी |

इस पीढ़ी के कम्प्युटर में Intel कंपनी ने पहला माइक्रोप्रोसेसर विकसित किया था जिसका नाम Intel 4004 था इसे 1971 में एक सिंगल सिलिकॉन चिप पर 2300 Transistors का उपयोग करके बनाया गया था इस पीढ़ी में  IBM ने पहला पर्सनल कम्प्युटर PC बनाया था |

 

Examples Of Fourth Generation Of Computer ( चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर के उदाहरण )

 

चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर की कुछ उदाहरण जो इस प्रकार से है :-

  • DEC – 10
  • STAR – 1000
  • PDP – 11
  • CRAY – 1 (Super Computer)
  • CRAY – 2
  • CRAY – X – MP (Super Computer)
  • CRAY – Y – MP
  • CRAY – Y MPC
  • IBM – 4341
  • IBM PC
  • APPLE II
  • VAX – 9000
  • ALTAIR – 8800

 

Features Of Fourth Generation Of Computer ( चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर के विशेषताएँ )

 

चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर के विशेषताएँ

 

चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर की कुछ विशेषताएँ जो इस प्रकार से है :-

माइक्रोप्रोसेसर (Microprocessor) –  चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर मे माइक्रोप्रोसेसर का यूज किया गया था जिसे VLSI (Very Large Scale Integration) बोलते हैं |

आकार (Size) – चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर का आकार बहोत छोटी हो गयी थी और इसके लिए एक छोटी सी जगह भी काफी थी इसे रखने के लिए |

कीमत (Cost) – चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर की कीमत बहोत कम हो गयी थी और इसे लोग आसानी से खरीद लेते थे पर्सनल यूज के लिए |

गति (Speed) – चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर की गति बहोत तेज हो चुकी थी पहले से इसकी गति Millions Of Instruction प्रति सेकंड थी |

सेमीकंडडक्टर इंटरनल मेमोरी (Semiconductor Internal Memory) – चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर में Magnetic Memory को हटा के उसकी जगह Semiconductor का Internal Memory के रूप मे यूज किया गया था | ये मेमोरी गति में तेज कीमत भी सस्ती और इसका आकार भी कम था |

इनपुट / आउटपुट (Input / Output) – चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर में किबोर्ड के साथ मॉनिटर , प्रिंटर जैसे नए इनपुट / आउटपुट का विकसित किया गया था |

भाषा (Language) – इस पीढ़ी के कम्प्युटर में High Level Language का यूज किया गया था जैसे ( C++ , KLI , SQL , RPG , PHP )

विश्वसनीय (Reliability) – इस पीढ़ी के कम्प्युटर पहले के सभी कम्प्युटर के तुलना में ये काफी विश्वसनीय हो गए थे

बिजली की खपत (Power Consumption) – इस पीढ़ी के कम्प्युटर का आकार छोटा होने का कारण इसमे बिजली की बहोत कम खपत होती थी |

 

Advantage Of Fourth Generation Of Computer ( चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर के फायदे )

 

चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर की कुछ फायदे जो इस प्रकार से है :-

  • इस पीढ़ी के कम्प्युटर में माइक्रोप्रोसेसर का यूज किया गया था |
  • इस पीढ़ी के कम्प्युटर का आकार बहोत छोटा हो गया था जो रखने में बहोत आसानी हो गयी गयी थी |
  • चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर अधिक विश्वसनीय थे |
  • इस पीढ़ी के कम्प्युटर रखना बहोत आसान हो चुका था |
  • चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर का उपयोग एक सामान्य उद्देश्य के लिए किया जाता था |
  • चौथी पीढ़ी में पर्सनल कम्प्युटर (PC) का प्रयोग ज्यादा होने लगा था |
  • इसकी कीमत कम होने के कारण ये काफी ज्यादा उपयोग होने लगा था |
  • चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर में सभी हाइ लेवल प्रोग्रामिंग भाषाओं का उपयोग किया गया था |
  • इसमे डिस्ट्रीब्यूटेड ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग किया गया था |
  • इस पीढ़ी के कम्प्युटर में टाइम शेयरिंग को भी जोड़ा गया था |
  • इस पीढ़ी के कम्प्युटर उतना गरम नहीं होती थी |
  • इसमे स्टोरेज क्षमता को बढ़ा दिया गया था |
  • चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर की प्रोसेसिंग पावर और स्पीड पहले से काफी ज्यादा थी |
  • इस पीढ़ी के कम्प्युटर में AC की जरूरत बहोत कम पड़ती थी |

 

Disadvantage Of Fourth Generation Of Computer (चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर के नुकसान )

 

चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर का कुछ नुकसान जो इस प्रकार से है :-

  • Microprocessor को बनाना काफी मुसकिल कार्य था |
  • इस पीढ़ी के कम्प्युटर में IC (Integrated Circuit) का यूज किया जाता था जिसे बनाना बहोत मुसकिल था |
  • इसे चलाते वक्त कभी-कभी  AC या फैन की जरूरत पड़ती थी |
  • इसे चलाते वक्त फैन की आवाज से बहोत परेसानी होती थी |
  • VLSI सर्किट को बनाने में बहोत Advance Technology की जरूरत पड़ती थी |

 

इसे भी पढ़ें :-

 

 

आज आपने क्या जाना | :-

 

दोस्तो तो आज आपने जाना इस आर्टिक्ल पोस्ट के माध्यम से चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर (Fourth Generation Of Computer) चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर के कुछ उदाहरण (Examples Of Fourth Generation Of Computer) चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर के कुछ विशेषताएँ ( Features Of Fourth Generation Of Computer ) और चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर के कुछ फायदे और कुछ नुकसान क्या थे ( Advantage And Disadvantage Of Fourth Generation Of Computer)

 

Conclusion :-

 

दोस्तों आशा करता हूँ की आज इस आर्टिक्ल पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर (Fourth Generation Of Computer) से संबधित सभी जानकारी प्राप्त हो गयी होगी |

अगर अभी भी आपको चौथी पीढ़ी के कम्प्युटर (Fourth Generation Of Computer) के बारे में कोई भी सवाल या डाउट जो आपके मन में हो वो आप हमसे कमेंट के जरिये पुच सकतें हैं |

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इस पोस्ट को पढ़ने के लिए धनबाद ||

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